
सफेद चावल की जगह कोदो मिलट (अर्कलु) का उपयोग करके बनाएं यह पारंपरिक इमली भात। यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि आपके रक्त और पाचन तंत्र के लिए एक प्राकृतिक 'क्लींजर' की तरह काम करता है।
↓ Jump to Recipe| calories | 220 |
| protein | 6 |
| carbs | 38 |
| fat | 5 |
| fiber | 9 |
नमस्ते मित्र! 'श्रीधान्य' मिललेट्स की श्रेणी में कोदो मिलट (जिसे तेलुगु में अर्कलु कहते हैं) का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में इसे रक्त को शुद्ध करने वाला अनाज माना गया है। आज NutriLifeMitra पर हम अपनी पारंपरिक इमली वाली बिरयानी (पुलीहोरा) को इस सेहतमंद अनाज के साथ एक नया रूप दे रहे हैं।
चावल से बनी पुलीहोरा अक्सर पेट में भारीपन या गैस का कारण बन सकती है, लेकिन कोदो मिलट से बनी यह डिश बहुत हल्की होती है और शुगर लेवल को भी नियंत्रित रखती है। यह त्योहारों के स्वाद को बिना किसी सेहत के समझौते के एन्जॉय करने का सबसे अच्छा तरीका है।
किसे खाना चाहिए: यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बॉडी डिटॉक्स करना चाहते हैं या जिन्हें डायबिटीज है।
कब खाएं: यह दोपहर के भोजन (Lunch) के लिए एक आदर्श विकल्प है। यह सफर के दौरान ले जाने के लिए भी बहुत अच्छा है क्योंकि इमली इसे लंबे समय तक ताजा रखती है।
कैसे खाएं: इसे दही या किसी हल्के रायते के साथ खाएं, जिससे इमली का खट्टापन संतुलित हो सके।
मिथक: "मिलेट से बनी डिशेज कड़वी होती हैं।"
सच्चाई: कोदो का स्वाद थोड़ा सोंधा (earthy) होता है, लेकिन इमली और हींग के साथ मिलने पर इसका स्वाद बिल्कुल वैसा ही आता है जैसा हम मंदिर के 'प्रसादम' में पाते हैं।
मेडिकल डिस्क्लेमर: कोदो मिलट रक्त स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। लेकिन इसकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसके साथ दिन भर में पर्याप्त मात्रा में हल्का गुनगुना पानी पीते रहें।
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